जून में चीन के निर्यात में कोरोना महामारी की शुरूआत के बाद सबसे तेज गति से गिरावट देखी गई है,क्योंकि प्रमुख विकसित बाजारों में उच्च मुद्रास्फीति और भू-राजनीति ने वैश्विक माँग को प्रभावित किया है.
गुरूवार को जारी Trade Data एक और संकेत है कि चीन के नेता दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था में लड़खड़ाती विकास गति को पुनर्जीवित करने के लिए बाहरी कारकों पर पूरी तरह से निर्भर होने का भरोसा नहीं कर पाएँगे. जून में होनेवाले आयात में गिरावट उम्मीद से अधिक गंभीर थी, जिसके कारण पता चलता है कि स्थानीय माँग भी कम हो रही है.
पिनपॉइंट एसेट मैनेजमेंट के अध्यक्ष व मुख्य अर्थशास्त्री ज़ीवेई झांग ने कहा, विकसित देशों के ताजा आँकड़े अर्थव्यवस्था में आगे आनेवाली गिरावट के संकेत दिखाते है,जिससे बचे हुए साल में चीन के निर्यात पर अधिक दबाव पड़ने की संभावना है.
एक साल पहले जून में आयात में ६.८% की गिरावट आयी थी. चीन के कस्टम ब्यूरो के प्रवक्ता लू डालियांग ने गुरूवार को हुई एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा,चीन के व्यापार को आंशिक रूप से विकसित देशों में उच्च मुद्रास्फीति और Geopolitics के कारण वर्ष के अंतिम छह महीनों में काफी दबाव का सामना करना पड़ रहा है.
बढ़ता मतभेद
चीन के बढ़ते मतभेद के बाद भी, कस्टम ब्यूरो ने चीन के व्यापार में बढ़ते विचलन की संभावना जताई है,क्योंकि दक्षिण पूर्व एशिया की अर्थव्यवस्थाओं और उसके 'बेल्ट एंड रोड' भागीदारों के साथ व्यापार संयुक्त राष्ट्र अमेरिका और यूरोपीय संघ के साथ व्यापार से बेहतर प्रदर्शन कर रहा है.
घरेलू माँग
Guotai Junan International के एक अर्थशास्त्री Zhuo Hao ने कहा,बाहरी क्षेत्र के सामने प्रतिकूल परिस्थितियां बनी हुई है,जिसके लिए घरेलू माँग के लिए नीतिगत समर्थन की आवश्यकता है.
चीन की वार्षिक उत्पादक की कीमते जून में लगातार नौवें महीने गिरी रही,जबकि उपभोक्ता कीमतें अपरिवर्तित रही है. सोमवार को पता चले आधिकारिक आँकड़ों के पता चला है कि क्योंकि चीनी अर्थव्यवस्था Deflation की चरम सीमा पर है. माँग को पुनर्जीवित करने और विकास को पुनर्जीवित में चुनौतियों की गहराई की ओर इशारा करते हुए इसका घोषित विकास का लक्ष्य लगभग ५% है.
