Revenue Secretary संजय मल्होत्रा के अनुसार भारत के वित्त मंत्रालय ने इस बात की पुष्टि की है कि भारत वर्तमान में टेस्ला के लिए किसी भी शुल्क छूट पर विचार नहीं कर रहा है. यह बयान टेस्ला कंपनी के सीईओ एलन मस्क के हाल ही में किये दावे के जवाब में आया है जिसमें उन्होनें कहा था कि भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी टेस्ला कंपनी से देश में पर्याप्त निवेश की विनंती कर रहे है.
संजय मल्होत्रा ने गुरूवार को Reuters को बताया की, " राजस्व विभाग अभी तक टेस्ला के लिए किसी भी प्रकार की शुल्क पर छूट देनेपर विचार नहीं कर रहा है."
पूर्व में टेस्ला और भारतीय सरकार के बीच हुई वार्तालाप में टेस्ला कंपनी ने इलेक्ट्रिक वाहनों के आयात के लिए कस्टम ड्यूटी पर छूट देने का अनुरोध किया था,जिसे भारत सरकार ने खारिज कर दिया था. हालांकि,अब तक, Department of Revenue ने कहा है कि वह टेस्ला कंपनी के लिए किसी भी शुल्क पर छूट देने के लिए सक्रिय रूप से विचार नहीं कर रहा है.
इस बीच,Times of India की रिपोर्ट के अनुसार पता चला है कि टेस्ला कंपनी लगभग ५,००,००० इलेक्ट्रिक वाहनों के उत्पादन की वार्षिक क्षमता रखनेवाली फैक्ट्री स्थापित करने के निवेश प्रस्ताव के संबंध में भारत सरकार से बातचीत जारी है. सरकारी सूत्रों ने इस चर्चा के जारी रहने का संकेत दिया है. इसके अलावा,टेस्ला भारत को इंडो-पैसिफिक क्षेत्रों के देशों में कारों को भेजने के लिए निर्यात केंद्र के रूप में उपयोग करने के लिए भी सोच रहा है.
टेस्ला कंपनी के भारतीय बाजार में प्रवेश करने की योजना में भारतीय सरकार द्वारा अपने वाहनों पर आयात कर कम करने से इंकार करने के कारण पहले ही देरी हो चुकी थी. भारत इलेक्ट्रिक वाहनों पर १००% आयात कर लगाता है. भारत ने स्थानीय स्तर पर टेस्ला कंपनी विनिर्माण वाहनों में रूचि दिखाई है, टेस्ला नर माँग का आकलन करने के लिए शुरूआत में देश में कारों का निर्यात करने की इच्छा जताई है.
