दुनिया अभी कोरोना जैसी बीमारी से उभर ही रही थी कि अब एक नई बीमारी ने लोगों को परेशान कर दिया है,इस बीमारी का नाम ' Guillaine Barre Syndrome' बताया जा रहा है. दक्षिणी अमेरिकाई देश पेरू में GBS रोग तेजी से फैल रहा है. इस रोग की वजह से पेरू में ९ जुलाई से ९० दिनों तक के लिए हेल्थ इमरजेंसी लगाई गई है. इस बीमारी से अब तक ૪ लोगों की मौत हो चुकी है. इस गंभीर समस्या से निपटने के लिए पेरू की राष्ट्रपति दीना बूलूआर्ट ने ३.२७ मिलियन की राशि इस बीमारी के रोगियों के उपचार के लिए आवंटित की है. अब तक की रिपोर्ट के अनुसार, जून २०२३ से देशभर में GBS के १८२ मामले सामने आएं है,जिसमें से १૪७ मरीजों को अस्पताल से छुट्टी मिल चुकी है,३१ मरीज अभी भी अस्पताल में भर्ती है और ૪ लोगों की इस बीमारी के कारण मौत हो चुकी है.
आखिर क्या है यह GBS Guillaine Barre Syndrome बीमारी ?
GBS एक न्यूरोलॉजीकल डिसऑडर और एक
ऑटोइम्यून रोग है. जब भी किसी रोगी को जीबीएस होता है,तो इसमें वह उस व्यक्ति के स्वस्थ सेल्स पर हमला करता है और इम्यूनिटी सिस्टम को बीमार कर प्रभावित करना शुरू कर देता है. यह ज्यादातर इंसान के ब्रेन और रीढ़ की हड्डी के बाहर के नर्वस सिस्टम को प्रभावित करता है. जीबीएस रोग से मांसपेशियों में कमजोरी आती है और गंभीर परिस्थिति में इसके कारण लकवा या मौत भी हो सकती है.
GBS के लक्षण और कारण
हाथों और पैरों में झुनझुनी,कमजोरी और पैरों अथवा पीठ में दर्द इस रोग के शुरूआती आम लक्षण है. संक्रमण के तीन हफ्ते बाद यह लक्षण शुरू होते है. यह बीमारी बढ़ने पर इसके लक्षणों में भी बदलाव आता है जैसे की -
१. श्वास लेने में दिक्कत
२. बॉडी में कॉर्डिनेशन की प्रॉब्लम
३. हाथों की मांसपेशियों में कमजोरी
GBS का कोई भी उपचार नहीं है
इस गंभीर बीमारी का फिलहाल कोई भी उपचार नहीं है.
इसके शुरूआती चरणों में GBS का ट्रीटमेंट काफी मुश्किल हो जाता है,क्योंकि यह दूसरे न्यूरोलॉजीकल बीमारियों को ओवरलैप कर देता है.
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर एंड स्ट्रोक के अनुसार, यह बीमारी के शुरूआती लक्षण पैरों में झुनझुनी और पैरों में कमजोरी से शुरू होकर शरीर के ऊपरी हिस्से और बाहों तक फेैल जाता है.
