एनर्जी-टू-टेलीकॉम समूह द्वारा अपनी वित्तीय सेवा शाखा के विलय के लिए 20 जुलाई की दिनांक तय किए जाने के बाद सोमवार के कारोबार में बीएसई पर रिलायंस इंडस्ट्रीज (आरआईएल) के शेयर ૪.५% से अधिक बढ़कर ५२ हफ्ते के अधिकतम स्तर २,७५५ रुपये पर पहुंच गए है. रिलायंस स्टैटेजिक इन्वेस्टमेंट को बाद में जियो फाइनेंशियल सर्विसेज का नाम दिया गया है.
पिछले महीने हुए डिमर्जर को मंजूरी मिलने के बाद शुक्रवार को कंपनी की बोर्ड बैठक में इसका निर्णय लिया गया. रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने शनिवार को इस एक्सचेंज के बारे में निर्णय लिया. रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर एक्सचेंजों पर सबसे अधिक एक्टिव रहे और फ्रंटलाइन S&P BSE Sensex और Nifty50 में बढ़त हासिल की.
इस विलय के बाद रिलायंस इंडस्ट्रीज भारत की ३६ लाख शेयरधारकों के साथ सबसे बड़ी कंपनी बन गई है.
इस योजना के अंतर्गत रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरधारकों को रिलायंस इंडस्ट्रीज के प्रत्येक शेयर के लिए जियो फाइनेंशियल का एक शेयर मिलेगा. पिछले तीन महीने में इस योजना के कारण स्टॉक १३% बढ़ चुका है.
रिलायंस इंडस्ट्रीज ने कहा विलय की इस योजना को १ जुलाई से लागु किया जाएगा. योजना के नियमों के अनुसार नए इक्विटी शेयर प्राप्त करने के हकदार कंपनी के इक्विटी शेयरधारकों को निर्धारित करने के उद्देश्य से गुरुवार, २० जुलाई, २०२३ की तारिख को किया गया है.
